Friday, July 8, 2011
"समय इन्सान क़ी सही पहचान बता देता है ....ये तल्ख़ टिप्पड़ी मेरे उन तमाम दोस्तों को मेरी तरफ से समर्पित है जिन क़ी सक्रियता फेसबुक पर तो दिखती है और वह वो राष्ट्र के लिए मरने मारने क़ी कसमें खाते भी दिखाई देते हैं किन्तु जब राष्ट्र हित में कुछ करने का समय आ जाता है तो वह घर में सोना, डेल्ही बेल्ली देखना , बिना मतलब क़ी फोटो टेग करना , बिना मतलब क़ी सक्रियता दिखाने में उनकी राष्ट्रीयता व्यस्त हो जाती है . शर्म आणि कहिये उन सभी लोगों को जो घर बैठ कर इस कपोल कल्पना में लगे हैं क़ी एक दिन वह सुबह तो आएगी......आप ने राजनेताओं में विश्वास कर लम्बी चादर ओढ़ ली उस चादर को बुरी तरह फद्द्कर आपके विश्वास का जो हाल उन्होंने किया वह भी आपको शिरोधार्य है,अब जब सारी आम जनता मिलकर देश के लिए कुछ करना छाती है तो आपकी प्राथमिकता दोपहर को सोना हो जात है , घर के सारे काम तो इतने सालो से आप करते आये हैं पहली बार तो देश ने आपको पुकारा और आप ऐसे मशगूल हुए क़ी वो चिल्लाता रहा पर आप टस से मस नहीं हुए ....क्या आपका ज़मीर आप को इसकी इज़ाज़त देता है ? अगर नहीं तो कृपया यह जन लीजिये क़ी कल सुबह से राष्ट्र भक्ति क़ी अलख जगाने क़ी ज़िम्मेदारी हम सब ने मिल कर ली है और हम सभी अपनी थकन अपने घर के काम और बारिश भूल कर सुबह ५:१५ मिनिट पर एकत्र होने ज रहे हैं अगर अभी भी आप चाहें तो कृपया आकर राष्ट्र प्रेम क़ी इस विचारधारा में शामिल हो सकतें हैं वरना मेरा आपसे एक विनम्र निवेदन यह है कि आप अपनी बेतुकी बैटन में तब तक मशगूल रहें जब तक आपके घर में आग ना लग जाये वैसे तब भी आप हमें याद करना हम ज़रूर आयेंगे अपना फ़र्ज़ पूरा करने ...अगर आपको मेरी बात का बुरा लगा हो तो धन्यवाद् क्यूंकि मेरा यही उद्देश था मीठी मीठी बातों से राजनेता बेह्लातें हैं राष्ट्र भक्त नहीं .............
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