Wednesday, July 13, 2011

"जय हिंद"

आज अपने जीवन के उद्देश्यों  क़ी जीवन के मूल्यों और सिद्धांतो क़ी ताकत को देख कर अति प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ. जिस दिन से भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन का शंखनाद किया है सम्पूर्ण चिंतन निज परक ना होकर राष्ट्र वादी होने लगा है| पिछले कुछ दिन कुछ छोटी छोटी बातों के कारन बड़े उहा पोह के दिन थे किन्तु सिद्धांतों पर अडिकता ने आज अपने जीवन के उद्देशों के लिए संकल्पित और समर्पित होने के लिए प्रेरित किया. आज इंडिया अगेंस्ट कर्र्प्शन क़ी टोली ने अपनी कल क़ी महत्वपूर्ण बैठक में लिए एक सुझाव को अम्लीय जमा पहनाने का प्रयत्न किया जब आज सारी टोली निकल पड़ी घर घर में व्यक्तिगत रूप से मिल कर राष्ट्र प्रेम क़ी उसी भावना का संचार करने जिसकी आज हमारे राष्ट्र को ज़रुरत है. हर घर में पहले तो दरवाज़ों के अन्दर से झांकते डरे चहरे दीखते जो हम में या तो किसी नेता क़ी तस्वीर दुन्ढ़ते या फिर  किसी चंदा मांगने वाले क़ी ...लेकिन ऐसा कहते हैं ना क़ी अगर मन में पवित्रता और उद्देश्यों में दृढ़ता हो तो फिर आपको किसी तार्किक शक्ति क़ी ज़रूरत किसी को कुछ समझाने में नहीं लगती बस वैसे ही लोगों ने जैसे ही हमारे उद्देश्यों को सुना वो निकल आये घरों के बाहर बेख़ौफ़ होकर खुशी खुशी इस आन्दोलन में अपना योगदान देने.मनसा वाचा कर्मडा सारे ईमानदार राष्ट्र भक्तों को एक होते देर ना लगी और घर घर जाने का अथक प्रयास मिलने वाले सकारातम अनुभवों के आगे नत मस्तक हो गया| कही युवाओं क़ी टोली एक होकर हमारे समर्थन में भारत माता के जयघोष में जुट गयी कहीं अपने परिवार के लिए भोजन तैयार कर रहीं महिलाएं खाने क़ी चिंता छोड़ कर जुट गयीं अपना योगदान देने के विषय में जानकारी हासिल करने में| हम सभी भारत माँ के सच्चे सपूतों को तलाश करने में जुटे हैं और इस प्रकार का उत्साह वर्द्धक नतीजा हमें बहुत जल्दी ही अपने जैसे जुनूनी लोगों क़ी टोली इक्कठी कर देने में सहायक होगा | सच बहुत खुशी हुई अगर आप भी अपने जीवक के कुछ यादगार लम्हों को पाना चाहतें हैं तो आइये और जुड़ जाइये हमारे इस प्रयास से कल सुबह ५:१५ मिनिट पर कछपुरा ब्रिज के नीचे हनुमान मंदिर जबलपुर में.......जोर से चिल्लाने का मन कह रहा है 
"जय हिंद"

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